आज़मगढ़, यूपी
राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के दिग्गज नेता और आज़मगढ़ के ज़िला सचिव कमाल नासिर ने अचानक पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है। कमाल नासिर की गिनती राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के बेहद पुराने नेताओं में की जाती है जो आज़मगढ़ के ज़िला सचिव भी थे। अचानक उन्होंने अपने फ़ेसबुक अकाउंट के माध्यम से पार्टी की सदस्यता और पद से इस्तीफ़ा दे दिया। जिसे लेकर सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है।
इस संबंध में कमाल नासिर से बात किए जाने पर उनका कहना है कि राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल जिस मिशन को लेकर वजूद में आयी थी अब उससे भटक चुकी है और अपने कार्यकर्ताओं और शीर्ष स्तर के नेताओं तक के बुरे दिनों में साथ देने से कतराती है। कमाल ने उदाहरण के तौर पर पार्टी के शीर्ष नेता मौलाना ताहिर मदनी के साथ पार्टी के खड़े ना होने पर भी नाराज़गी जताई जो CAA प्रोटेस्ट की वजह से पिछले महीने से जेल में हैं।
उन्होंने कहा कि मौलाना ताहिर मदनी पार्टी के ऐसे नेता हैं जिनका सम्मान पार्टी का हर कर्यकर्ता करता है। लेकिन मदनी साहब पिछले महीने से जेल में हैं और पार्टी हाईकमान को जिस तरह मदनी साहब के साथ खड़ा होना चाहिए वो नही हुआ। जब मौलाना ताहिर मदनी साहब जैसे लोगों के साथ पार्टी का यह रवैया है तो आम कार्यकर्ता के साथ क्या सुलूक होता है इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है।